{i1:1} यहोवा नीनवे से कुपित है {1:1} यह नीनवे के विषय में एक दु: खद भविष्यवाणी है। यह पुस्तक नहूम के दर्शन की पुस्तक है। नहूम एल्कोश से था। {1:2} यहोवा जलन रखने वाला परमेश्वर है। यहोवा अपराधी लोगों को दण्ड देता है। और यहोवा बहुत कुपित है! यहोवा अपने शत्रुओं को दण्ड देता है। वह अपने बैरियों पर क्रोधित रहता है। {1:3} यहोवा धैर्यशील है, किन्तु साथ ही वह बहुत महा सामर्थी है! और यहोवा अपराधी लोगों को दण्ड देता है। वह उन्हें ऐसे ही छुट कर नहीं चले जाने देगा। देखो, यहोवा दुर्जनों को दण्ड देने आ रहा है। वह अपनी शक्ति दिखाने के लिये बवण्डरों और तूफानों को काम में लायेगा। मनुष्य तो धरती पर मिट्टी में चलता है, किन्तु यहोवा मेघों पर विचरता है! {1:4} यदि यहोवा सागर को घुड़के तो सागर भी सूख जाये। सारी ही नदियों को वह सूखा सकत है! बाशान और कर्म्मेल की हरी — भरी भूमि सूख कर मर जाया करती है। लबानोन के फूल मुरझा कर गिर जाता हैं। {1:5} यहोवा का आगमन होगा और पर्वत भय से काँपेंगे और ये पहाड़ियाँ पिघलकर बह जायेंगी। यहोवा का आगमन होगा और यह धरती भय से काँप उठेगी। यहजगत और जो कुछ इसमें है जो जीवित है, भय से काँपेगा। {1:6} यहोवा के महाकोप का सामना कोई नहीं कर सकता, कोई भी उसका भयानक कोप नहीं सह सकता। उसका क्रोध आग सा धधकेगा। जब वह पधारेगा तब चट्टानें चटकेंगी। {1:7} यहोवा संकट के काल में उत्तम है। वह सुरक्षित शरण ऐसे उन लोगों का है जो उसके भरोसे हैं। वह उनकी देख रेख करता है। {1:8} किन्तु वह अपने शत्रुओं को पूरी तरह नष्ट कर देगा। वह उन्हें बाढ़ के समान बहा कर ले जायेगा। अंधकार के बीच वह अपने शत्रुओं का पीछा करेगा। {1:9} क्या तुम यहोवा के विरोध में षड़यंत्र रच रहे हो वह तेरा अंत कर देगा। फिर और कोई दूसरी बार कभी यहोवा का विरोध नहीं करेगा! {1:10} तुम्हारे शत्रु उलझे हुये काँटों से नष्ट होंगे। वे सूखी घास जैसे शीघ्र जल जायेंगे। {1:11} हे अश्शूर, एक व्यक्ति तुझसे ही अया है। जिसने यहोवा के विरोध में षड़यंत्र रचे और उसने पाप पूर्ण सलाहें प्रदान कीं। {1:12} यहोवा ने यहूदा से यह बातें कहीं थी: “अश्शूर की जनता पूर्ण शक्तिशाली है। उनके पास बहुतेरे सैनिक हैं। किन्तु उन सब को ही काट फेंका जायेगा। सब का अंत किया जायेगा। हे मेरे लोगों, मैंने तुमको बहुतेरे कष्ट दिये किन्तु अब आगे तुम्हें और कष्ट नहीं दूँगा। {1:13} मैं अब तुम्हें अश्शूर की शक्ति से मुक्त करूँगा। तुम्हारे कन्धे से मैं वह जुआ उतार दूँगा। तुम्हारी जंजीरे जिनमें तुम बंधे हो मैं अब तोड़ दूँगा।” {1:14} हे अश्शूर के राजा, तेरे विषय में यहोवा ने यह आदेश दिया है: “तेरा नाम ले ऐसा कोई भी वंशज न रहेगा। तेरी खुदी हुई मूर्तियाँ और धातु की मूर्तियाँ मैं नष्ट कर दूँगा जो तेरे देवताओं के मन्दिरों में रखे हुए हैं। मैं तेरे लिये कब्र बना रहा हूँ क्योंकि तेरा अंत आ रहा है।” {1:15} देख यहूदा! देख वहाँ, पहाड़ के ऊपर से कोई आ रहा है, कोई हरकारा सुसंदेश लेकर आ रहा है! देखो वह कह रहा है कि यहाँ पर शांति है! यहूदा, तू अपने विशेष अवकाश दिवस मना ले। यहूदा, तू अपनी मन्रते मना ले। अब फिर कभी दुर्जन तुझ पर वार न करेंगे और वे तुझको हरा नहीं पायेंगे। उन सभी दुर्जनों का अन्त कर दिया गया है! {i2:1} नीनवे का विनाश होगा {2:1} नीनवे, तेरे विरूद्ध युद्ध करने को विनाशकारी आ रहा है। सो तू अपने नगर के स्थान सुरक्षित कर ले। राहों पर आँख रख, युद्ध को तत्पर रह, लड़ाई की तैयारी कर! {2:2} क्यों क्योंकि यहोवा याकूब को महिमा लौटा रहा है जैसे इस्राएल की महिमा। अश्शूर के लोगों ने इस्राएल की प्रजा का नाश किया और उनकी अंगूर की बेलें रौंद ड़ाली हैं। {2:3} उन सैनिकों की ढाल लाल है। उनकी वर्दियाँ सुर्ख लाल हैं। उनके रथ युद्ध के लिये पंक्तिबद्ध हो गये हैं और वे ऐसे चमक रहे हैं जैसे वे आग की लपटें हों। उनके घोड़े चल पड़ने को तत्पर हैं। {2:4} उनके रथ गलियों में भयंकर रीति से भागते हैं। वे खुले मैदानों में सुलगती मशालों से दिखते हुये वेग से पीछे और आगे को दौड़ रहे हैं। वे ऐसे लगते हैं जैसे यहाँ वहाँ बिजली कड़क रही हो! {2:5} अश्शूर का राजा अपने उन सैनिकों को बुला रहा है जो सर्वश्रेष्ठ हैं। किन्तु वे ठोकर खा रहे हैं और मार्ग में गिरे जा रहे हैं। वे नगर परकोटे पर दौड़ते हैं और वे भेदक मूसल के लिये प्राचीर रच रहे हैं। {2:6} किन्तु वे द्वार जो नदियों के निकट है, खुले हैं। शत्रु उनमें से जा रहा है और राजा के महल को ध्वस्त कर रहा है। {2:7} देखो, यह शत्रु रानी को उठा ले जाता है और उसकी दासियाँ बिलखती हैं जैसे दु: ख से भरी कपोती हों। वे अपना दु: ख प्रगट करने को निज छाती पीट रहीं हैं। {2:8} नीनवे ऐसे तालाब सा हो गया है जिसका पानी बह कर बाहर निकल रहा हो। वे लोग पुकार कर कह रहे हैं, “रूको! रुको! ठहरे रहो, कहीं भाग मत जाओ।” किन्तु कोई न ही रूकता है और न ही कोई उन पर ध्यान देता है! {2:9} हे सैनिको, तुम जो नीनवे का विनाश कर रहे हो! तुम चाँदी ले लो और यह सोना ले लो! यहाँ पर लेने को बहुतेरी वस्तुऐं हैं। यहाँ पर बहुत से खजाने भी हैं! {2:10} अब नीनवे खाली है, सब कुछ लुट गया है। नगर बर्बाद हो गया है! लोगों ने निज साहस खो दिया है। उनके मन डर से पिघल रहे हैं, उनके घुटने आपस में टकराते हैं। उनके तन काँप रहे हैं, उनके मुख डर से पीले पड़ गये हैं। {2:11} नीनवे जो कभी सिंह का माँद था, अब वह कहाँ है? जहाँ सिंह और सिंहनियाँ रहा करते थे। उनके बच्चे निर्भय थे। {2:12} जिस सिंह ने (नीनवे के राजा ने) अपने बच्चों और मादाओं को तृप्ति देने के लिये कितने ही शिकार मारे थे। उसने माँद (नीनवे) भर ली थी। मादाओं और नरों की देहों से जिनको उसने मारा था। {2:13} सर्वशक्तिमान यहोवा कहता है, “नीनवे, मैं तेरे विरूद्ध हूँ! मैं तेरे रथों को युद्ध में जला दूँगा। मैं तेरे ‘जवान सिंहों’ की हत्या करूँगा। तू फिर कभी इस धरती पर कोई भी अपना शिकार मार नहीं पायेगा। लोग फिर कभी तेरे हरकारों को नहीं सुनेंगे।” {i3:1} नीनवे के लिये बुरा समाचार {3:1} उस हत्यारों के नगरों को धिक्कार है। नीनवे, ऐसा नगर है जो झूठों से भरा है। यह दूसरे देशों के लूट के माल से भरा है। यह उन बहुत सारे लोगों से भरा है जिनका उसने पीछा किया और जिन्हें इसने मार डाला है! {3:2} देखो, कोड़ों की फटकार, पहियों का शोर, और घोड़ों की टापें सुनाई दे रही हैं, और साथ — साथ उछलते रथों का शब्द सुनाई दे रहा है! {3:3} घुड़सवार हमला कर रहे हैं और उनकी तलवारें चमक रहीं हैं, उनके भाले चमचमाते हैं! कितने ही लोग मरे हुये हैं, लाशों के ढ़ेर लग गये हैं — अनगिनत लाशें फैली हैं। लोग मुर्दो पर गिर — गिर कर चल रहे हैं! {3:4} यह सब कछ नीनवे के कारण घटा है। नीनवे उस वेश्या सी है जो कभी तृप्ति नहीं होती, उसको और अधिक, और अधिक चाहिये था। उसने अपने को बहुत सारे देशों को बेच दिया था और उसने उनको अपना दास बनाने को जादू चलाया था। {3:5} सर्वशक्तिमान यहोवा कहता है, “हे नीनवे, मैं तेरे विरूद्ध हूँ। मैं तेरे वस्त्र तेरे मुँह तक ऊपर उठा दूँगा। तेरी नग्न देह को मैं सारे देशों को दिखा दूँगा। वे सारे राज्य तेरी लाज को देखेंगे। {3:6} मैं तेरे ऊपर घिनौनी वस्तु फेंक दूँगा। मैं तुझ से घृणा के साथ बर्ताव करूँगा। लोग तुझको देखेंगे और तुझ पर हँसेंगे। {3:7} जो कोई भी तुझको देखेगा तुझ से दूर भागेगा। हे नीनवे, मुझ को इसका पता है कि कोई ऐसा नहीं है जो तुझे सुख चैन दे।” {3:8} नीनवे, क्या तू नील नदी के तट पर बसी अमोन से उत्तम है नहीं! अमोन के चारों ओर भी पानी हुआ करता था। अमोन इस पानी का इस्तेमाल स्वंय को शत्रु से बचाने के लिये खाई के रूप में किया करता था। इस पानी का उपयोग वह एक परकोटे के रूप में भी करता था। {3:9} कूश और मिस्र ने अमोन को बहुत शक्ति प्रदान की थी। उसे पूत और लूबी का भी समर्थन प्राप्त था। {3:10} किन्तु अमोन हार गया। उसके लोगों को बंदी बना कर किसी पराये देश में ले जाया गया। गली के हर नुक्कड़ पर सैनिकों ने उसके छोटे बच्चों को पीट — पीट कर मार डाला। उन्होंने पासे फेंक — फेंक कर यह देखा कि किस महत्वपूर्ण व्यक्ति को कौन अपने यहाँ दास बना कर रखे। अमोन के सभी महत्वपूर्ण व्यक्ति को कौन अपने यहाँ दास बना कर रखे। अमोन के सभी महत्वपूर्ण पुरूषों पर उन्होंने जंजीरें डाल दी थीं। {3:11} सो नीनवे, तेरा भी किसी नशे में धुत्त व्यक्ति के समान, पतन होगा! तू छिपता फिरेगा। शत्रु से दूर, तू कोई सुरक्षित स्थान ढूँढ़ता फिरेगा। {3:12} किन्तु नीनवे, तेरी सभी मज़बूत गढ़ियाँ अंजीर के पेड़ों सा हो जायेंगी। नयी अंजीरें पकतीं है, एक व्यक्ति आता है, और पेड़ को झकझोर देता है। अंजीरें उस व्यक्ति के मुख में गिरती हैं और वे उन्हें खाता है, और वे समाप्त हो जाती हैं! {3:13} नीनवे, तेरे लोग तो स्त्रियों जैसे हैं और शत्रु के सैनिक उन्हें ले लेने के लिये तैयार बैठे हैं। तेरी धरती के द्वार खुले पड़े हैं कि तेरा शत्रु भीतर आ जाये। तेरे द्वारों में लगी लकड़ी के आँगल को आग ने जलाकर नष्ट कर दिया है। {3:14} तू पानी इकट्ठा कर और उसे अपने नगर के भीतर जमा कर ले। क्योंकि शत्रु के सैनिक तेरे नगर को घेर लेंगे। वे नगर के भीतर किसी भी व्यक्ति को खाना — पानी नहीं लाने देंगे। अपनी सुरक्षा को मज़बूत बना! और अधिक ईटें बनाने के लिए मिट्टी ले! गारा बना और ईटें बनाने के लिए साँचे ले। {3:15} तू यह सब काम कर सकता है किन्तु फिर भी आग तुझे पूरी तरह नष्ट कर देगी और तलवार तुझे मार डालेगी। तेरी धरती ऐसी दिखाई देगी जैसे उस पर कोई टिड्डी दल आया हो और सब कुछ चट कर गया हो। नीनवे, तू बढ़ता ही चला गया। तू एक टिड्डी दल के जैसा हो गया। तू टिड्डी का झुण्ड बन गया। {3:16} तेरे यहाँ अनेकानेक व्यापारी हो गये जो अनेक स्थानों पर जा कर वस्तुएँ खरीदा करते थे। वे इतने अनगिनत हो गये जितने आकाश में तारे हैं! वे उस टिड्डी दल के जैसे हो गये, जो खाता है और सब कुछ को उस समय तक खाता रहता है जब तक वह समाप्त नहीं हो जाती और फिर छोड़ कर चला जाता है। {3:17} तेरे सरकारी हाकिम भी टिड्डियों जैसे ही हैं। ये उन टिड्डियों के समान हैं जो ठण्डे के दिन एक चट्टान पर बैठ जाती है, किन्तु जब सूरज चढ़ने लगता है और चट्टान गर्म होने लगती है तो वह कहीं दूर उड़ जाती है। कोई नहीं जानता, वे कहाँ चली गयीं! तेरे हाकिम भी ऐसे ही होंगे। {3:18} हे अश्शूर के राजा, तेरे चरवाहे (मुखिया) सो गये। वे शक्तिशाली पुरूष नींद में पड़े हैं। और तेरी भेड़ें (प्रजा) अब पहाड़ों पर भटक रही हैं। उन्हें वापस लाने वाला कोई नहीं है। {3:19} नीनवे, तू बुरी तरह घायल हुआ है और ऐसा कुछ नहीं है जो तेरे घाव को भर सके। हर कोई जो तेरे विनाश के समाचार को सुनता है, तालियाँ बजाता है। वे सब प्रसन्र हैं! क्योंकि उन सब ने उस पीड़ा का अनुभव किया है, जिसे तू सदा उन्हें पहुँचाया करता था!